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ओसीडी को ऐसे पहचानें

Symptoms of Obsessive Compulsive Disorder in Hindi

आज हम बात करेंगे एक ऐसी बीमारी की जो बहुत तेजी से बढ़ रही है और लोगों में इसके बारे में जानकारी का अभाव होना भी इसके ठीक होने में रुकावट बन रहा है। जी हां ओसीडी या हिन्‍दी में कहें तो वहम की बीमारी जिसके कारण ना सिर्फ ओसीडी से ग्रसित इंसान ही परेशान रहता है बल्कि उसके साथ और आसपास रहने वालों को भी उसके इस व्‍यवहार के कारण परेशानी उठानी पड़ती है। जरूरत है समय पर इसे पहचानने की जिससे उसके निवारण के लिए सही कदम उठाये जा सकें।



ओसीडी के कारण व्‍यक्ति का ना केवल निजी जीवन बल्कि पारिवारिक, सामाजिक और कामकाजी जीवन भी बुरी तरह प्रभावित या बाधित होने लगता है। इस बीमारी को आसानी से पहचानने का एक तरीका यह है कि लोग मजबूरन कुछ ऐसे कार्यों को बार बार दोहराने लगते हैं जिनसे उनको फौरी तौर पर राहत मिलती है, पर उनकी समस्या इससे ठीक नहीं होती बल्कि बढ़ती ही है। ओसीडी के लक्षणों की बात की जाए तो इसके बहुत तरह के लक्षण हो सकते हैं पर यहां हम कुछ मुख्‍य तरह के लक्षणों की बात करेंगे जिनसे इसको आसानी से पहचाना जा सकता है-

1- गंदगी का वहम- यह ओसीडी का एक बहुत ही कॉमन लक्षण है जिसमें प्रभावित व्‍यक्ति को गंदगी से संबंधित विचार आने लगते हैं और उससे बचने के लिए वह बार-बार हाथ धोना, बहुत देर तक हाथ धोते रहना, नहाना, गंदी चीजों को दूर से ही देखकर चिंतित होना, घर की बहुत ज्‍यादा साफ-सफाई, कपड़ों को बार बार धोना जैसे काम करने लगता है। गंदगी को लेकर लगातार चिंता के बने रहने के कारण वह सफाई को लेकर बहुत सचेत रहता है और किसी प्रकार की गंदगी या बीमारी का खतरा ना होने के बावजूद बार-बार सफाई करना उसकी आदत में शुमार हो जाता है।

2- चीजों को चेक करना- इस प्रकार की OCD में प्रभावित व्‍यक्ति को चीजों को चेक करने की आदत हो जाती है। उसे लगता है कि ताला तो नहीं खुला रह गया तो वह ताले को कई बार देखेगा कि ठीक से लगा है कि नहीं। गैस बंद है कि नहीं, गाड़ी लॉक की है या नहीं, दरवाजों को बार-बार देखने की आदत कि ठीक से बंद किये हैं या नहीं, बिजली के स्विच ऑफ किये हैं या नहीं।

3- किसी को नुकसान पहुंचाने का डर- इसमें व्‍यक्ति को लगता है कि वह किसी को कोई नुकसान ना पहुंचा दे। जैसे किसी महिला को बार-बार यह विचार आये कि वह अपने बच्‍चे को चाकू से चोट ना पहुंचा दे तो वह भी ओ सी डी की श्रेणी में ही आयेगा। किसी व्‍यक्ति को लगता है‍ कि वह साथ में बैठे व्‍यक्ति को चांटा ना मार दे और इस तरह के विचार आने पर वह बहुत परेशान हो जाता है।

4- धार्मिक ओसीडी- इससे ग्रस्‍त व्‍यक्ति को बार बार धर्म के या भगवान के या बड़े बुजुर्गों के प्रति खराब विचार आते हैं। ये विचार किसी भी तरह के हो सकते हैं जैसे सेक्‍स से संबंधित या भगवान के प्रतिअपशब्‍द या मूर्ति को गंदा ना कर दूं इस प्रकार के विचार इसमें आने लगते हैं इसलिए इसे Religious Ocd भी कहते हैं।

5- परेशान करने वाले विचार आना- इसमें व्‍यक्ति को कुछ विचार जो उसकी चिंता को बढ़ाते हैं बार-बार आने लगते हैं उनसे निजात पाने के लिए वह मन ही मन उसे बचने का प्रयास करता है। इसे Rumination OCD कहते हैं और बार-बार किसी एक ही बात के बारे में सोचना या एक ही प्रकार से सोचना इसका लक्षण है।

6- चीजों को व्‍यवस्थि‍त करते रहना- इसमें वस्‍तुओं को एक क्रम में या ऑर्डर में रखने की आदत होती है। जैसे घर में रखी हुई चीजों को हर बार एक विशेष क्रम में रखना। किसी दूसरे व्‍यक्ति के घर जाकर भी कौन सी चीजें व्‍य‍वस्थित नहीं हैें इस पर बार-बार ध्‍यान जाना और उनको व्‍य‍वस्थि‍त करने की कोशिश करना।

7- चीजों को इकट्ठा करना- इसमें व्‍यक्ति को लगता है कि कोई वस्‍तु उससे खो ना जाए या ऐसी वस्‍तु शायद आने वाले समय में ना मिले तो इसमें वह इस प्रकार की वस्‍तुओं को इकट्ठा करना शुरू कर देता है जिनमें से ज्‍यादातर उसके काम की नहीं होतीं या जो आसानी से मिल सकती हैं। फिर भी वह उन चीजों को इकट्ठा करता है।

8- एक ही बात कई बार पूछना- इसमें पीडि़त को ऐसा लगता है कि कहीं उससे कोई गलती ना हो जाए जिसके कारण वह लगातार चिंतित रहता है और अक्‍सर वह अपने द्वारा किये गये कार्यों के बारे में लोगों से पूछता रहता है ताकि वह आश्‍वस्‍त हो सके कि उससे कहीं कोई गलती तो नहीं हुई।

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